गाज़ियाबाद, मार्च 25 -- गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। जनपद में स्मार्ट मीटर लोगों के लिए आफत बन रहे हैं। जानकारी के अभाव में बैलेंस नेगेटिव होने से उपभोक्ता ज्यादा परेशान हैं। उपभोक्ताओं को पहले बैलेंस नेगेटिव होने पर भुगतान करना होगा। इसके बाद अतिरिक्त पैसा पोर्टल में डालने पर ही बिजली मिलेगी। शासन के आदेश पर जनपद में स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है। लगभग ढाई लाख स्मार्ट मीटर अभी लगा चुके हैं। स्मार्ट मीटर को प्रीपेड प्रणाली पर किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर के प्रीपेड होते ही उपभोक्ता परेशानी झेल रहे हैं। नेगेटिव बैलेंस होने पर बिजली कनेक्शन कट रहा है। ज्यादातर उपभोक्ताओं को यह पता नहीं लग पाता कि उनका स्मार्ट मीटर कब प्रीपेड हो गया और कब बैलेंस नेगेटिव पहुंच गया। विद्युत निगम ने उपभोक्ताओं को जागरूक भी नहीं किया। वे कनेक्शन कटने के रू...