भागलपुर, अप्रैल 29 -- शाहकुंड। प्रखंड के दरियापुर पंचायत के चंद्रभानपुर ग्राम में चल रहे लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन कथावाचिका सुश्री राजलक्ष्मी जी ने कहा कि श्री कृष्ण और रुक्मिणी का विवाह प्रेम और साहस की एक अद्भुत पौराणिक कथा है। विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी श्रीकृष्ण की वीरता और गुणों पर मोहित होकर उन्हें मन ही मन पति मान चुकी थीं, लेकिन उनका भाई रुक्मी इसके विरुद्ध था और उनका विवाह शिशुपाल से तय कर दिया था। रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को अपनी व्यथा बताई और हरण करके विवाह करने का अनुरोध किया। श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी का हरण किया और रुक्मी को युद्ध में हराकर द्वारका ले आए। यह भी पढ़ें- शाहकुंड के चंद्रभानपुर में भागवत कथा में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की चर्चा यह भी पढ़ें- श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह महोत्सव की झांकियों...