सीतापुर, फरवरी 3 -- मिश्रिख, संवाददाता। जिले में पहले राजकीय माध्यमिक संस्कृत विद्यालय बनने की राह में कई रोड़े अटके हैं। इसके निर्माण के लिए बकायदा 12 बीघा भूमि भी आवंटित हो गई, लेकिन शासन से मंजूरी नहीं मिलने की वजह से यह सपना अभी अधूरा है। संस्कृत शिक्षा में छात्रों के नामांकन के मामले में जनपद पूरे मंडल में अव्वल नंबर पर है। बावजूद इसके जिले के पहले राजकीय माध्यमिक संस्कृत विद्यालय के निर्माण की फाइलें सरकारी दफ्तरों की धूल फांक रही है। तीर्थ नगरी होने के चलते यहां पर राजकीय माध्यमिक संस्कृत विद्यालय का विशेष महत्व है। गैरजनपद के विद्यार्थी भी यहां पर संस्कृत की शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। लेकिन यहां पर एक भी राजकीय माध्यमिक संस्कृत विद्यालय न होने के चलते अनुदानित संस्कृत विद्यालयों में दाखिला लेना पड़ रहा है। गौरतलब बात है कि वर्ष 20...
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