प्रयागराज, जनवरी 22 -- झूंसी/हनुमानगंज, हिटी। पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने माघ मेला शिविर में गुरुवार को जनसंवाद में मौनी अमावस्या के दिन संतों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर कहा कि साधु-संतों के साथ मारपीट और ब्रह्मचारियों की चोटी पकड़ना बिल्कुल गलत है। दूसरी बात सनातन परंपरा में स्नान की जो मर्यादा है, शंकराचार्य हो या कोई और, सभी को निभाना चाहिए। इसके साथ ही पुरी पीठाधीश्वर ने कहा कि कुंभ के दौरान प्रमुख स्नान पर्वों पर शंकराचार्यों और नागा संन्यासियों के बीच शासनतंत्र बहुत बड़ा भेदभाव करता है। उन्होंने कहा, कुंभ के अवसर पर नागा संन्यासियों के स्नान की व्यवस्था की जाती है, परन्तु शंकराचार्यों के लिए कोई व्यवस्था नहीं होती। जहां नागा संन्यासियों के लिए कॉरिडोर बनाकर स्नान के लिए पूरी व्यवस्था दी जाती है, ...
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