नई दिल्ली, सितम्बर 11 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि बच्चों को यौन उत्पीड़न से संरक्षण के लिए बनाए गए कानून पॉक्सो एक्ट के तहत शारीरिक दंड देना अपराध नहीं है। शीर्ष अदालत ने पॉक्सो एक्ट के तहत एक शिक्षक के खिलाफ दर्ज मुकदमा को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की है। शिक्षक पर आरोप था कि उसने नाबालिग छात्र की पीठ और कमर पर मारा था। यह भी पढ़ें- टीचर ने छात्रा की शरीर को छुआ, कमर पर भी हाथ रखे; SC बोला- यह POSCO के तहत अपराध नहींनिर्णय का विवरण जस्टिस उज्जल भुइयां और अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि 'बच्ची को शारीरिक सजा देने का शिक्षक का तरीका गलत और असंवेदनशील था, लेकिन उसके कृत्य में पॉक्सो कानून के तहत अपराध बनाने के लिए जरूरी सेक्सुअल इरादा जाहिर नहीं हुआ।' यह टिप्पणी करता हुए पीठ ...