लखीसराय, अप्रैल 22 -- कजरा, एक संवाददाता। शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों में डीजे के बढ़ते इस्तेमाल ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सख्ती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देर रात तक तेज आवाज में बजते डीजे न केवल आम लोगों की शांति भंग कर रही है, बल्कि सरकार द्वारा तय किए गए ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों की खुलेआम अनदेखी भी हो रही है। शहरी और ग्रामीण इलाकों में बारात, रिसेप्शन और अन्य कार्यक्रमों में देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाना आम बात हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डीजे की तेज आवाज से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को काफी परेशानी होती है। यह भी पढ़ें- शादी-विवाह में धड़ल्ले से बज रहे डीजे, सरकारी नियमों की उड़ रहीं धज्जियां खासकर परीक्षा के समय छात्रों की पढ़ाई पर इसका नकारात्मक असर पड़ता है। कई जगहों पर लोगों ने इसकी श...
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