वाराणसी, मार्च 20 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। बदलती जीवनशैली और करियर की बढ़ती गंभीरता का असर उनके बच्चों पर दिख रहा है। लड़कियों की देर से शादी के कारण उनके बच्चे डाउन सिंड्रोम जैसी बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। जिससे उनका मानसिक और शारिरिक विकास कम होता है। बीएचयू के बाल रोग विभाग में 153 बच्चे डाउन सिंड्रोम के रजिस्टर्ड हैं। अधिकतर में मां की 35 साल से अधिक उम्र में शादी और आनुवंशिक कारणों से पीड़ित हुए हैं। बीएचयू के बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. अंकुर सिंह ने कहा कि युवा पहले अपने करियर को स्थापित करने पर ध्यान दे रहे हैं, जिसके चलते शादी और परिवार की योजना में देरी हो रही है। इसका सीधा संबंध गर्भधारण की उम्र से जुड़ा है। उम्र बढ़ने के साथ क्रोमोसोमल असामान्यताओं का जोखिम भी बढ़ जाता है, जिससे डाउन सिंड्रोम जैसे मामलों की संभावना अ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.