रांची, जुलाई 15 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि कोई पुरुष अपनी पहली शादी और बच्चों की जानकारी छिपाकर किसी महिला को शादी का झांसा देता है और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता है, तो ऐसी स्थिति में महिला की सहमति कानून की नजर में वैध नहीं मानी जा सकती। अदालत ने कहा कि धोखे और तथ्यों की गलत जानकारी के आधार पर प्राप्त की गई सहमति, सहमति नहीं मानी जाती। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की एकलपीठ ने रमेश साहू की ओर से दायर याचिका खारिज करते हुए उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी तथा निचली अदालत की कार्यवाही में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। यह भी पढ़ें- रिलेशनशिप में लड़कियों को कभी नहीं करना चाहिए ये काम, हाईकोर्ट की सलाह मामले के अनुसार, पीड़िता एक विधवा महिला है। आरोप है कि रमेश साहू ने स्वयं को अविवाहित बताकर म...