शादी के वक्त नशे में था, दिल्ली हाईकोर्ट ने पति को क्यों नहीं दी तलाक की मंजूरी?
नई दिल्ली, अगस्त 19 -- हेमलता कौशिक, नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने तलाक के एक मामले में बड़ा फैसला दिया है। इस मामले में एक शख्स ने तलाक मांगते हुए दावा किया था कि उसकी शादी अमान्य है क्योंकि 2008 में शादी की रस्में निभाते समय वह किसी नशीली दवा के असर में था। अदालत ने पति की दलीलें खारिज करते हुए शादी खत्म करने की अपील खारिज कर दी।एक साल के भीतर दाखिल करनी थी याचिका जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की पीठ ने कहा कि पति का दावा ज्यादा से ज्यादा से ज्यादा हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 12(1)(c) के तहत आ सकता है। यह धारा कहती है कि यदि शादी के लिए सहमति जबरदस्ती या धोखाधड़ी से ली गई हो तो शादी को रद्द करने योग्य माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में धोखाधड़ी का पता चलने के एक साल के भीतर शादी रद्द करने की अर्जी दाखिल करनी होती है।तलाक की अर्ज...
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