नई दिल्ली, मार्च 29 -- HC on Live-in Relationship: इलाहाबाद हाईकोर्ट में कुछ ही दिनों के अंतराल पर लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े एक ही तरह के दो मामलों में अलग-अलग फैसला सुनाया गया है। अदालत ने एक मामले में जहां विवाहित व्यक्ति के लिव-इन रिलेशन को कानूनी संरक्षण देने से इनकार कर दिया, वहीं दूसरे मामले में इसे अपराध नहीं माना। पहला मामला 20 मार्च का है, जिसमें एकल पीठ के जज जस्टिस विवेक कुमार सिंह ने कहा कि कोई भी विवाहित व्यक्ति बिना तलाक लिए किसी अन्य व्यक्ति के साथ लिव-इन रिलेशन में नहीं रह सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता वहां समाप्त हो जाती है, जहां दूसरे व्यक्ति के वैधानिक अधिकार शुरू होते हैं। अदालत ने कहा कि पति या पत्नी को अपने जीवनसाथी के साथ रहने का कानूनी अधिकार है और इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के नाम पर छीना ...