शिमला, जुलाई 18 -- यदि किसी महिला का जन्म एक ऐसे राज्य में हुआ है जहां वह अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी में आती है और बाद में उसकी शादी दूसरे राज्य में हो जाती है, तो केवल विवाह के आधार पर वह नए राज्य में एससी आरक्षण का लाभ नहीं ले सकती। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में यही स्पष्ट किया है। अदालत ने कहा कि दूसरे राज्य में शादी करने से संबंधित राज्य की अनुसूचित जाति श्रेणी के तहत आरक्षण या सरकारी नौकरी का अधिकार स्वतः नहीं मिल जाता।खारिज की याचिका मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी नेगी की खंडपीठ ने इस मामले में दायर अपील को खारिज कर दिया। यह मामला पंजाब की रहने वाली रीनू से जुड़ा है। रीनू का जन्म पंजाब में अनुसूचित जाति समुदाय में हुआ था और उसकी जाति पंजाब में अनुसूचित जाति के रूप में अधिसूचित है। बाद में...