शादी के प्रस्ताव और हाथ पकड़ने से लज्जा भंग नहीं होती, पॉक्सो कोर्ट की सजा रद्द
रांची, जुलाई 17 -- झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि केवल शादी का प्रस्ताव देना और कुछ समय के लिए किसी लड़की के साथ बिना किसी अश्लील या गलत मंशा के एक-दो दिन जाना भी उसे अगवा करने का अपराध नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि आईपीसी की धारा 354 लगाए जाने के लिए यह साबित करना आवश्यक है कि आरोपी की मंशा महिला की गरिमा भंग करने की थी। जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने रामगढ़-गोला थाना क्षेत्र से जुड़े नंदकिशोर बेदिया उर्फ गुड्डू की अपील स्वीकार करते हुए विशेष पॉक्सो अदालत द्वारा 22 अगस्त 2023 को सुनाए गए दोषसिद्धि के फैसले और 28 अगस्त 2023 के सजा आदेश को रद्द कर दिया।क्या था मामला मामले के अनुसार, 21 जून 2017 को 10 साल की बच्ची स्कूल से घर नहीं लौटी थी। आरोपी पहले से ही आरोपी नंदकिशोर का हाथ पकड़कर उसे जबरन ले जाने की कोशिश कर ...
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