नई दिल्ली, मई 13 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने रेप और ब्लैकमेलिंग के आरोपों में गिरफ्तार एक शादीशुदा जिम ट्रेनर को जमानत दे दी है। अदालत ने फैसले के दौरान टिप्पणी भी की। कहा कि किसी व्यक्ति की नैतिकता और अपराध को अलग-अलग नजरिये से देखना जरूरी है, खासकर तब जब मामला किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा हो। जस्टिस गिरीश कठपालिया की बेंच ने कहा कि अदालत के सामने पेश की गई तस्वीरों और वीडियो से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि आरोपी और महिला अधिवक्ता के बीच संबंध सहमति से थे। बार एंड बेंच में छपी रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि आरोपी का शादीशुदा होना या अलग धर्म से संबंध रखना जमानत से इनकार करने का आधार नहीं हो सकता। मामले में आरोपी की ओर से अधिवक्ता संजीव कुमार, कपिल खन्ना और आसिफ खान पेश हुए, जबकि पीड़िता की तरफ से अधिवक्ता संजीव स...