फिरोजाबाद, जून 21 -- जिला सहकारी बैंक हाथबंत शाखा में हुई गड़बड़ी को लेकर शाखा प्रबंधक और कैशियर के निलंबन की कार्रवाईसे हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि इनके द्वारा पशु पालन योजना को लेकर किसानों को मिलने वाले ऋण के नियमों में पारदर्शिता बरतने की बजाए नियमों की अनदेखी की गई थी। अगर नाबार्ड के आडिट में यह गड़बड़ी नहीं पकड़ी जाती तो आरोपी बच जाते। पशु पालन योजना को लेकर सरकार द्वारा किसान को केसीसी पर 1.60 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है। इस धनराशि से किसान अपनी जीविका चला सकता है और धनराशि से मिलने वाले रुपयों से अपने पशुओं के लिए किसान टिनशैड डलवाकर पशुओं का बेहतर पालन कर सकता है। एक साल तक के लिए किसान को यह धनराशि बैंक द्वारा प्रदान की जाती है जिसे पशुओं के दुग्ध को बेचकर किसान बैंक को धनराशि को वापस कर देता है।जांच रिपोर्ट के आधा...