घाटशिला, अप्रैल 17 -- धालभूमगढ़। प्रखंड के पंचायत में मिजिल का प्रकोप शांत होता नहीं दिख रहा है। अभी कुछ दिन पूर्व कोकपाड़ा -नरसिंहगढ़ पंचायत अंतर्गत लगभग 14 मिजिल के केस पाए गए थे। जिनमें कुछ स्वास्थ्य लाभ कर लिए थे। दो सक्रिय थे। गुरुवार को पुन: पावडा, नरसिंहगढ़ पंचायत के नामाता बस्ती में एक चार महीने के अबोध बालक में मिजिल के लक्षण पाए गए। पावड़ा, नरसिंहगढ़ पंचायत की आंगनवाड़ी-सहिया लक्ष्मी नामाता ने जांच के क्रम में एक चार महीने के अबोध बालक में मिजिल के लक्षण दिखे। इस संबंध में विभाग के पदाधिकारी को सूचित किया गया है। अधिकारियों ने घटना स्थल पर आने के बजाय उसके आंगनबाड़ी कार्ड का निरीक्षण करने की सलाह दी। स्वास्थ्य विज्ञान के अनुसार मिजिल की रोकथाम के लिए एमआर का इंजेक्शन 9 महीने और डेढ़ साल के उम्र में दिया जाता है। 4 महीने के बच्चे...