नई दिल्ली, अक्टूबर 11 -- नोबेल पीस प्राइज का ऐलान होते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सपना बिखर गया। शांति के नोबेल के लिए ही वह उन युद्धों को भी रुकवने का क्रेडिट लेते रहे जो वास्तव में हुए ही नहीं। यहां तक कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्धविराम पर उन्होंने 10 से ज्यादा बार अपनी पीठ थपथपाई। वहीं जब नोबेल पी प्राइज मारिया कोरिना मचाडो को मिला तो उन्होंने कहा कि वह अपने लिए कभी नोबेल प्राइज नहीं मांग रहे थे। अब व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को नोबेल शांति पुरस्कार समिति की आलोचना करते हुए उस पर वैश्विक शांति में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के योगदान को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। ट्रंप विभिन्न असत्यापित दावों के आधार पर इस सम्मान को पाने की कोशिश करते रहे हैं, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने का दावा भी शामिल है। व्हाइट ...
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