नई दिल्ली, जून 28 -- अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का फिर बढ़ना दुखद व शर्मनाक है। ईरान के साथ युद्ध विराम के लिए बनी सहमति पर बढ़-चढ़कर खुशी का इजहार करने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान में कई ठिकानों पर हमले हुए हैं। इसका जवाब ईरान ने भी बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के साथ दिया है। युद्ध के फिर भड़कने और युद्ध विराम के खत्म होने की आशंका मंडराने लगी है। हालात के बिगड़ने के लिए दोनों पक्ष एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। दरअसल, यह अविश्वास से उपजा संकट है, जिसके समाधान की इच्छा अमेरिका में हाल के वर्षों में तो कभी नहीं दिखी है। अमेरिकी सत्ता प्रतिष्ठान में जैसी दृढ़ता होनी चाहिए, उसका नितांत अभाव हो गया है। दरअसल, अमेरिकी प्रशासन ने ही अविश्वास का यह जाल बुना है, जिसमें वह खुद फंसा हुआ है। ट्र...