नई दिल्ली, अप्रैल 8 -- ईरान युद्ध के थमने से भारत और दुनिया में स्वाभाविक ही खुशी का माहौल है। यह युद्धविराम अस्थायी है, फिर भी यह संतोष और स्वागत का विषय है। दुनिया के एक बड़े हिस्से में लोगों को मंगलवार रात परमाणु हमले की आशंका से बहुत मुश्किल से नींद आई थी, पर जब लोग सुबह जगे, तब तक 14 दिन के युद्धविराम का एलान हो चुका था। भारत सरकार ने उचित ही इसका स्वागत किया है और आशा व्यक्त की है कि यह अस्थायी समझौता पश्चिम एशिया में स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा। बहरहाल, इतिहास यह दर्ज करेगा कि इस पूरे संघर्ष के समय भारत एक निश्चित दूरी या संयम बरतते हुए बार-बार युद्धविराम की गुहार लगा रहा था। अब भारत ही नहीं, उन तमाम देशों को राहत की सांसें नसीब होंगी, जो इस अनावश्यक युद्ध की वजह से चिंतित थे। भारत ने सही कहा है कि युद्ध को स्थायी तौर पर सम...
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