आगरा, मार्च 24 -- यूपी के अलग अलग जिलों में पुलिस की अलग अलग तरह की मनमानी चल रही है।शांतिभंग में किसी को भी जेल भेज दिया जाता है। मुचलका दाखिल करने का अवसर तक प्रदान नहीं किया जाता है। थाना प्रभारी चालान के समय जेल भेजने की संस्तुति कर देते हैं। आगरा के अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश जेजे मुनीर से इसे लेकर शिकायत की थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच समिति बनाई गई है। सोमवार को विशेष न्यायाधीश (ईसी ऐक्ट) ज्ञानेंद्र राव ने कमिश्नेरट के 14 एसीपी तलब किए। पेशी के दौरान उनसे स्पष्टीकरण मांगा। अब यह मामला तूल पकड़ सकता है। जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट भेजी जाएगी। अधिवक्ताओं ने पिछले दिनों आगरा आए हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एवं आगरा परिक्षेत्र के प्रशासनिक न्यायाधीश जेजे मुनीर से पुलिस कार्यप्रणाली की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि एसीपी को ...