देवघर, मार्च 5 -- सारठ,प्रतिनिधि। प्रखंड क्षेत्र में उमंग और आनंद का त्योहार होली शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। बुराई पर अच्छाई की, दानवता पर मानवता की एवं अत्याचार पर सच्चाई और न्याय का संदेश प्रसारित करते हुए ऋतुराज बसंत के चरमोत्कर्ष पर मनाया जाने वाले इस त्योहार में होलिका दहन करने की प्रथा प्राचीन काल से चली आ रही है। सच्चाई,अच्छाई और मानवता के तेज को निखारते हुए भक्तराज प्रहलाद ने अपने पिता दानवराज हिरण्यकश्यपु को कहा था कि भगवान के नाम का जाप करने वाले प्राणियों के पास भय का कोई स्थान नहीं होता है। त्योहार मे रंग, गुलाल और पिचकारी जैसे सामग्रियां बाजार में महंगी होने के बावजूद भी इससे बेखबर बच्चे, बूढ़े, अमीर, गरीब सभी अपने बीच की खाई को पाटते हुए इस पर्व में पूरे उत्साह के साथ तल्लीन नजर आए। चारों ओर भोजपुरी कीअश्लील फगुआ होली ...
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