रुडकी, मई 27 -- 1857 की क्रांति के शहीद उमराव सिंह और उनके पिता फतेह सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके पैतृक गांव और आसपास के युवाओं ने बलिदान दिवस मनाया। इस दौरान वक्ताओं ने शहीद पिता और पुत्र के देश के लिए दी गई कुर्बानी को याद किया गया। मंगलवार को भगवानपुर विधानसभा के ग्राम मानकपुर आदमपुर में 1857 की आजादी के संग्राम का नेतृत्व करने वाले वीर बहादुर उमराव सिंह परमार व उनके पिता फतेह सिंह परमार का बलिदान दिवस मनाया गया। शहीद उमराव सिंह और शहीद फतेह सिंह 1857 की क्रांति के अग्रणी योद्धा थे, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया था और अंग्रेजी हुकूमत से लड़ते हुए तत्कालीन जिला सहारनपुर में अंग्रेजों का विरोध किया। इस घटना के बाद अंग्रेजों ने उन्हें इनामी क्रांतिकारी घोषित कर दिया। इसके कुछ दिन बाद अंग्रेजों ने दोनों पिता-पुत्र ...
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