रांची, जून 8 -- सिल्ली, प्रतिनिधि। नौ जून को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का शहादत दिवस (बलिदान दिवस) मनाया जा रहा है। ऐसे पावन अवसर पर भी उनकी खंडित प्रतिमा का उपेक्षित अवस्था में होना लोगों की भावनाओं को आहत कर रहा है। यह स्थिति महापुरुषों के प्रति संवेदनहीनता और प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है। सिल्ली से पिस्का गांव जाने वाली मुख्य सड़क पर खपचाबेड़ा के निकट स्थित बिरसा चौक में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पिछले करीब एक वर्ष से क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी है। प्रतिमा के हाथ टूटे हुए हैं और उसका स्वरूप जीर्ण-शीर्ण हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहादत दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी प्रतिमा की मरम्मत नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है。 यह भी पढ़ें- श्रद्धा के केंद्र उलिहातू में 126वीं शहादत दिवस की तैयारियां पूरीजुलाई 2025 में असामाजि...