समस्तीपुर, मई 27 -- शाहपुर पटोरी। एक प्रचलित कहावत है कि 'जब आग लगती है तो लोग कुआं खोदने लगते हैं।' इस कहावत को चरितार्थ कर रहा है नगर परिषद, शाहपुर पटोरी। यहां प्रतिवर्ष बरसात शुरू होने से कुछ दिन पूर्व नालों का निर्माण और पुनर्निर्माण शुरू कर दिया जाता है।

नालों का निर्माण नाले का कचरा तथा मलबे सड़क पर डाल दिया जाता है। जैसे ही वर्षा होती है, वैसे ही सड़क पर जल-जमाव हो जाता है तथा नाले का कचरा तथा मलवा पुन: उसी गड्ढे में भर जाता है। इसके कारण या तो नाले का निर्माण बाधित होता है या फिर जैसे-तैसे नाले के निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है। लोगों का कहना है कि अगर नगर परिषद हर वर्ष सितंबर से मई माह तक नाले के निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर लेता तो शायद शहर के लोगों को बरसात के कारण फजीहत झेलने की नौबत नहीं आती।

शहर में समस्याएं बरसात स...