बोकारो, अगस्त 7 -- बोकारो संजीव ओझा। झारखंड में मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के बाद बोकारो जिले के आंकड़ों ने मतदाताओं के व्यवहार और निवास पैटर्न का एक नया ट्रेंड सामने ला दिया है। जिले में जहां शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाता सत्यापन के दौरान अपने पते पर नहीं मिले, वहीं ग्रामीण इलाकों में मतदाता अपेक्षाकृत अधिक स्थिर पाए गए हैं। चुनाव आयोग के आंकड़े इस बात की ओर संकेत कर रहे हैं कि रोजगार, शिक्षा और आवासीय बदलाव का सबसे अधिक असर शहरी मतदाताओं पर पड़ रहा है। जिले की चार विधानसभा सीटों में सबसे चिंताजनक स्थिति बोकारो विधानसभा क्षेत्र की है। यहां 85,898 मतदाता (14.38 प्रतिशत) सत्यापन के दौरान अनुपस्थित अथवा अनट्रेसेबल पाए गए। यह न केवल जिले में बल्कि राज्य के प्रमुख आंकड़ों में भी शामिल है। आनेवाले चुनाव में भी इन मतदाताओं की स्...