बगहा, जून 12 -- राजघराने से ताल्लुकात रखने वाले पश्चिमी चंपारण जिले के मंदिरों के इतिहास देश-विदेश में प्रसिद्ध है। लेकिन यहां के पौराणिक मंदिर जर्जर हो चुके हैं। देखरेख के अभाव में मंदिर ध्वस्त होते जा रहे हैं। देखभाल के अभाव में कुछ वर्षों के बाद इनका अस्तित्व खत्म जाएगा। मंदिरों के प्रति स्थानीय लोगों की जबरदस्त आस्था है और वह सरकार से इसके संरक्षण की मांग भी करते हैं। लाेगों की मांग है कि प्रशासन कमेटी बनाकर इसकी देखभाल की जिम्मेदारी उठाए, ताकि इसके अस्तित्व को बचाया जा सके। सिपाही पटेल, सुदामा कुमार, अजय कुमार,मंजीत कुमार प्रवीण कुमार, इंद्रजीत राउत,आनंद कुमार, ललन कुमार गुप्ता, विजय प्रसाद,शैलेंद्र कुमार तिवारी, आयुष कुमार आदि ने बताया कि बेतिया राज प्रबंधन द्वारा कई बार मंदिरों के जीर्णोद्धार और मरम्मत की घोषणा की जा चुकी है। लेकिन...
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