मधुबनी, जून 4 -- मधुबनी,एक संवाददाता। शहर के गौशाला रोड स्थित आसपास दो बड़े निजी अस्पतालों में सुरक्षा की मानकों का पालन नहीं हो रहा है। अस्पताल में लगे फायर एक्सटिंग्विशर की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, फिर भी दिखाने के लिए लगाकर छोड़ दिसा गया है। चौबिसों घंटे संचालित होने वाले इस अस्पताल में अगर अचानक इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट से आग लग जाए तो हालात भयावह हो सकते हैं। एक्सपायर्ड उपकरण से आग पर काबू पाना मुश्किल होगा। जिसका खामियाजा भर्ती मरीजों व उसके परिजनों को भुगतना पड़ेगा। मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल में हुए हादसे से सबक लेते हुए जिले के सभी निजी व सरकारी अस्पतालों को फायर सेफ्टी ऑडिट कराना बेहद जरूरी हो गया है। यह भी पढ़ें- जिले 85 प्रतिशत अस्पतालों में सुरक्षा के मानक नहीं, खतरे में मरीजों की जान बिहार फायर सर्विस एक्ट के तहत अस्पतालों म...