देवघर, मई 20 -- देवघर,प्रतिनिधि। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत मंगलवार को गठित धावा-दल द्वारा देवघर शहरी क्षेत्र के विभिन्न होटलों का जांच किया गया। इस क्रम में शहर के एक होटल से कुल 2 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। साथ ही मुक्त कराए गए दोनों बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति देवघर को सुपुर्द कर दिया गया। ज्ञात हो कि सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा एमसी मेहता बनाम राज्य सरकार एवं अन्य के मामले संबंधी पीटीशन (सी) संख्या: 455/1996 में 10 दिसंबर 1996 को दिए गए निर्णय के आलोक में जिला बाल एवं किशोर श्रमिक कोष में 20 हजार से 50 हजार तक रकम जमा कराया जा सकता है। यह भी पढ़ें- गांडेय में ग्रामीणों को जागरूक किया बाल श्रम यानि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य लेना सामाजिक कुरीति...