बलिया, फरवरी 10 -- बलिया, संवाददाता। जिले के भू-गर्भ जल में घातक स्तर पर आर्सेनिक की पुष्टि के बाद आमजन को स्वच्छ पेयजल सुलभ कराने के लिए सरकार की ओर से लाखों की लागत से शहर, कस्बा और गांवों में सरकारी आरओ प्लांट स्थापित किए गए। लेकिन वर्तमान में अधिकांश आरओ शोपीस बने हुए हैं। 'हिन्दुस्तान' टीम ने मंगलवार को इसकी पड़ताल किया। इस दौरान शहर के ट्रेजरी के पास लगा आरओ, शहीद पार्क चौक के साथ ही गुलाब देवी इंटर कॉलेज के पास लगा आरओ प्लांट तकनीकि गड़बड़ी से शोपीस बना नजर आया। वहीं बेल्थरारोड, रतसर समेत अन्य कस्बा के आरओ प्लांट भी खुद प्यासे दिखे। ऐसे में सक्षम लोग तो अपने घरों में स्वयं का आरओ लगा लिए हैं या फिर बोतल बंद पानी खरीदकर अपना काम चला ले रहे हैं। लेकिन मध्यमवर्गीय और हाशिए के लोग मजबूरी में आर्सेनिक उगल रहे हैंडपम्प से अपनी प्यास बुझा...
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