सहरसा, फरवरी 27 -- सहरसा, निज संवाददाता। मिथिला में विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार इस बार व्रत की पूर्णिमा एवं होलिका दहन 02 मार्च सोमवार की देर रात्रि यानी 03 मार्च क़ो सुबह 05.10 क़े बाद एवं सूर्योदय से पहले होलिकादहन करना सर्वश्रेष्ठ होगा। पंडित तरुण झा ने बतलाया है कि धर्मशास्त्र में भद्रा क़े मुखकाल में शुभ कार्य वर्जित बताये गये हैं! कुलदेवता क़ो सिंदूरार्पण एवं पातरिदान 03 मार्च मंगलवार क़े दिन ही होगा,तथा स्न्नान दान की पूर्णिमा भी इसी दिन होगी। 03 मार्च क़ो ही खग्रास चंद्रग्रहण संध्या बेला में 05.50 से 06.46 तक रहेगा, भारत में इसका मोक्ष संध्या 06.47 में होगा। दो के रात में होलिकादहन के कारण बनगांव में होली दो मार्च को मनायी जाएगी। वहीं शहरी होली 04 मार्च बुधवार को होली मनाई जायेगी। साथ ही होलिकाभस्म धारण, सचैलस्न्नानम सप्ताडोरा बंधन इ...
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