वाराणसी, दिसम्बर 6 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान और भारतीय मृदा विज्ञान सोसाइटी की वाराणसी इकाई की तरफ से शुक्रवार को विश्व मृदा दिवस-2025 का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि मुख्य वन संरक्षक डॉ. रवि सिंह ने शहरी मिट्टी के तेजी से हो रहे क्षरण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अनियोजित विकास, अपशिष्ट निपटान और औद्योगिक गतिविधियों से मिट्टी की गुणवत्ता अत्यधिक प्रभावित हो रही है, जिससे खाद्य सुरक्षा, भूजल गुणवत्ता और जैव विविधता पर गहरा असर पड़ रहा है। उन्होंने मियावाकी वनरोपण मॉडल को शहरी क्षेत्रों में हरितावरण बढ़ाने एवं क्षतिग्रस्त भूमि को पुनर्जीवित करने का प्रभावी तरीका बताया। प्रो. एन डे, विशिष्ट अतिथि अनिल सिंह ने भी विचार रखे। अध्यक्षता प्रो. यूपी सिंह ने की। मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभागाध्यक्ष प्रो. जे....
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.