रांची, मई 4 -- रांची, वरीय संवाददाता। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण और आधुनिक जीवनशैली का गहरा प्रहार हो रहा है। छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. अत्रि गंगोपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में रहने वाला हर चौथा बच्चा अस्थमा (दमा) की चपेट में है। कुछ वर्ष पहले तक स्थिति ऐसी नहीं थी, तब शहरों में सात में से एक बच्चा अस्थमा से पीड़ित पाया जाता था। इसका मुख्य कारण बढ़ता वायु प्रदूषण, धूल-धुआं और बदलती जीवनशैली है। बच्चों का अधिक समय घर के अंदर रहना, स्क्रीन टाइम बढ़ना और शारीरिक गतिविधियों में कमी भी एक कारण है। यह भी पढ़ें- घर के भीतर धूम्रपान मासूम बच्चों के लिए बना खतरा यह भी पढ़ें- विश्व अस्थमा दिवस पर अभियान चलाया यह भी पढ़ें- जहरीली हवा से बच्चों में बढ़ रही सांस की बीमारी

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