हाथरस, जून 30 -- हाथरस, संवाददाता। बाजार में शहद का अच्छा भाव न मिलने से मधुमक्खी पलकों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मधुमक्खी पालक आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। दैनिक खर्चे चलाने के लिए उन्हें स्टॉल लगाकर शहर बेचना पड़ रहा है। सरकार किसानों की आय दोगुना करना चाहती है। इसी क्रम में किसानों को खेती के साथ खेती से जुड़े व्यवसाय करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। जिले के गांव देहात से जुड़े लोग मधुमक्खी पालन करते हैं। मधुमक्खी खेतों में लगी फसलों से फीड होकर शहद बनाती हैं। इस समय खेतों में भी ऐसी फसलें नहीं हैं जिनसे फीड होकर मधुमक्खी शहद बना सकें। मधुमक्खी पालकों को मधुमक्खियों को सीधे फीड करना पड़ रहा है। मुध मक्खियों में फैलने वाले रोग बरूआ, माइट, बीटल आदि से बचा पाना भी काफी चुनौती पूर्ण है। इस सब से मधुमक्खी पालकों पर ...