नई दिल्ली, मई 2 -- नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। मायापुरी इलाके में शनिवार को जैसे ही बारगी डैम हादसे में जान गंवाने वाले 39 वर्षीय मरीना मैसी, उनके चार साल के बेटे त्रिशान (जहान) और 62 वर्षीय मधुर मैसी के शव घर पहुंचे तो इलाके में कोहराम मच गया। मां-बेटे को एक साथ खोने का दर्द ऐसा था कि घर की महिलाओं की चीखें सुनकर आसपास खड़े लोग भी खुद को संभाल नहीं पाए। कई बार हालात ऐसे हो गए कि परिजनों को संभालने के लिए पड़ोसियों को आगे आना पड़ा. यह भी पढ़ें- 'मुझे बचा लो'... और कट गया VIDEO कॉल; जबलपुर क्रूज हादसे की दर्दनाक कहानी, दिल्ली के एक ही परिवार के 3 लोगों की मौतहादसे के समय वीडियो कॉल पर थी बहन मृतक मरीना मैसी के भाई कुलदीप मोहन ने बताया कि हादसे ने उनके परिवार का सबकुछ खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब वह घर से निकले थे तो सब बहुत खुश थे।...