कानपुर, मार्च 24 -- सरवनखेड़ा संवाददाता। गजनेर थाना क्षेत्र के सरवनखेड़ा गांव में एक व्यक्ति की लंबी बीमारी से मौत के बाद परिजन शव गांव के बाहर ही अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया। इसके बाद चिता पर रखकर जैसे ही उसमें मुखाग्नि दी गई तो मौके पर पहुंची एक मूक बघिर महिला ने जमीन उसकी बता हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर शव का अंतिम संस्कार कराया। सरवनखेड़ा गांव निवासी प्रीतम दिवाकर उम्र करीब पिछले काफी समय से फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। मंगलवार को उनकी घर में ही मौत हो गई। इसके बाद घर में फैसला लिया गया कि शव को गांव के किनारे खाली पड़े खेत में जला कर अंतिम संस्कार कर दिया जाए। इसके बाद मृतक के भाई शिवम दिवाकर परिजनों व अन्य ग्रामीणों के साथ खेत पर पहुंचे और लकड़ी की चिता लगाकर शव रखकर उसमें मुखाग्नि दे दी ...