कानपुर, अगस्त 23 -- कानपुर। कई बार शरीर में दिखाई देने वाले लक्षणों के पीछे मानसिक और भावनात्मक परेशानी भी छिपी होती है। ऐसे मरीजों के बेहतर उपचार के लिए शारीरिक बीमारी के साथ उनकी मनोवैज्ञानिक स्थिति को समझना बेहद जरूरी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से रविवार रात बियॉन्ड द बॉडी-डिकोडिंग साइकोलॉजिकल डिस्ट्रेस बिहाइंड फिजिकल सिम्पटम्स विषय पर कार्यक्रम किया गया। वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. उन्नति कुमार और कंसल्टेंट मनोचिकित्सक डॉ. अभिषेक सिंह चौहान ने विभिन्न केस के माध्यम से ऑटिज्म, सोमैटिक सिम्पटम डिसऑर्डर, साइकोट्रॉपिक दवाओं के दुष्प्रभाव, डिमेंशिया, माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट, बेंजोडायजेपीन व पेनकिलर डिपेंडेंस, डिसोसिएटिव और फैक्टिशियस डिसऑर्डर पर चर्चा की।कार्यक्रम यह भी पढ़ें- इहबास अस्पताल में शुरू हुए ये 5 नए विभाग मरीजों क...