अररिया, जनवरी 10 -- फारबिसगंज, एक संवाददाता। सनातन सत्संग समिति, फारबिसगंज के तत्वावधान में स्थानीय केशरी टोला स्थित श्री सिद्ध सागर भवन में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा के दुर्लभ सत्संग के पांचवे दिन शुक्रवार को प्रात:कालीन सत्र में व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए बाल संत श्री हरि दास महाराज जी ने कहा कि यह शरीर और यह संसार दोनों ही नाशवान हैं। उन्होंने संसार एवं शरीर की नश्वरता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि स्थायी केवल आत्मा है, इसलिए मानव जीवन का उद्देश्य आत्मिक उन्नति होना चाहिए। बाल संत ने बताया कि संसार की भौतिक आसक्तियाँ मनुष्य को बंधन में बाँधती हैं, जबकि आसक्ति से मुक्ति प्राप्त कर आत्मा को परमात्मा से जोड़ना ही मोक्ष का मार्ग है। उन्होंने आत्मा की मुक्ति एवं ईश्वर से जुड़ाव की सरल विधियों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया,जिससे...