शराब तमाम बुराइयों की जड़: पंकज महाराज
मिर्जापुर, सितम्बर 12 -- हलिया, हिन्दुस्तान संवाद। संत पंकज महाराज ने कहाकि इस शरीर के दोनों आंखों के मध्य भाग में आत्मा विराजमान है। इसी में प्रभु को देखने की तीसरी आंख, दिव्य नेत्र है। आकाशवाणी, अनहदवाणी सुनने के लिए कान है। वे हलिया ब्लॉक के रामपुर नौडिहां में आयोजित सत्संग समारोह में बोल रहे थे। यह भी पढ़ें- दो खबरें:देह और गेह सब झूठा-पंकज महराज आध्यात्मिक साधना का महत्व उन्होंने रामचरित मानस के माध्यम का वर्णन करते हुए कहाकि अंतर की साधना करते समय भगवान राम प्रसन्न हो गये, उन्होंने कृपा करके अन्दर जाने का रास्ता दे दिया। अंतर में विचित्र रचना का विस्तार देखा, वास्तविक कोशलपुर का दर्शन किया। इसी प्रकार जब आप भी बताई हुई विधि से साधना करेंगे तो आप की दिव्य दृष्टि खुल जायेगी। आप त्रिकालदर्शी हो जायेंगे, इसलिए ऐसा अनमोल मानव शरीर पाकर अ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.