हाथरस, अप्रैल 4 -- हाथरस,कार्यालय संवाददाता। अनुराग ज्योति का परिवार हंसता खेलता हुआ था। उसके पिता रेलवे में गार्ड थे। अनुराग ने बीएससी करने के बाद एमबीए किया और दिल्ली में नौकरी की। उसकी पत्नी सरकारी चिकित्सक है, लेकिन अनुराग शराब छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। 14 साल पहले पत्नी ने तलाक ले लिया और वह अपने बेटे को लेकर दिल्ली चली गई। अनुराग अकेला ही अब नगर पालिका के रैन बसेरा में रहता था। अनुराग के पिता जीएस सक्सेना रेलवे में गार्ड थे। अनुराग दो भाई थे। अनुराग के मित्र दिनेश श्रोत्री का कहना है कि अनुराग के बड़े भाई और भाभी दोनों की मौत हो चुकी है। अनुराग में 1986 से शराब पीने का शौक लग गया। धीरे धीरे शराब का शौक आदत बन गया। अनुराग दिल्ली में नौकरी करता था,लेकिन वह शराब अधिक पीने लगा और एक दिन नौकरी छोड़कर हाथरस आ गया। अनुराग की पत्नी दिल्ली क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.