चित्रकूट, अप्रैल 11 -- चित्रकूट। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव इला चौधरी ने जिला कारागार का औचक जायजा लिया। जेल में संचालित लीगल एड क्लीनिक देखी। यहां उपलब्ध रजिस्टरों आदि का अवलोकन किया। नियुक्त पैरालीगल वालेंटियर्स को निर्देश दिए कि मुकदमे के लिए व्यक्तिगत अधिवक्ता करने में अक्षम बंदियों के संबंध में पत्राचार कर जेल अधीक्षक के जरिए प्राधिकरण को अवगत कराएं। ऐसे बंदी प्राधिकरण से अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। जेल में प्राधिकरण की ओर से बंदियों के हित में नशीली दवाओं, धूम्रपान व शराबखोरी का उन्मूलन विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। प्राधिकरण सचिव ने कहा कि शराब और नशीली दवाओं का सेवन खुद के साथ ही परिवार, दोस्तों व पूरे समाज के लिए बेहद खतरनाक है। युवाओं में नशीली दवाओं व शराब का सेवन सड़क दुर्घटनाओं, हिंसा, आ...