सासाराम, सितम्बर 11 -- कोचस, एक संवाददाता। कभी शराब और पिछड़ेपन के लिए पहचान रखने वाला कोचस नगर पंचायत का बहटुटिया गांव अब विकास की नई इबारत लिख रहा है। शराबबंदी के बाद ग्रामीणों की जिंदगी बदली तो मजदूरी की कमाई नशे में उड़ने के बजाय घर-परिवार और बच्चों की पढ़ाई पर खर्च होने लगी। अति पिछड़ा बहुल इस गांव में अब नली-गली, नल-जल, शौचालय और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। बदलाव की इस तस्वीर के बीच ग्रामीणों को अब बच्चों की पढ़ाई के लिए गांव में एक स्कूल की दरकार है।

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