शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा को कैसे दें अर्घ्य? जानें चंद्रोदय टाइम, खीर का भोग लगाने और रखने का समय
नई दिल्ली, अक्टूबर 23 -- हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। इसे कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा अपनी पूर्ण 16 कलाओं के साथ चमकता है और उसकी रोशनी या चांदनी को अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। इसलिए कहा जाता है कि इस रात मां लक्ष्मी का पूजन और रात्रि जागरण करने से सुख-समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति होती है। पूर्णिमा की रात चंद्रदेव को अर्घ्य देने की भी परंपरा है। चंद्रमा को मन और शांति का कारक माना जाता है। कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात आसमान से अमृत वर्षा होती है, इसलिए इस दिन चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने की भी परंपरा प्रचलित है। अगले द...
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