शरद पूर्णिमा पर खीर रखने से लेकर मेडिटेशन तक, जानें सदियों पुरानी ये खास परंपराएं
नई दिल्ली, अक्टूबर 25 -- शरद पूर्णिमा हिंदू धर्म का एक जरूरी पर्व है। यह त्योहार शरद ऋतु के आगमन, पूर्ण चंद्रमा की मनमोहक चांदनी, माता लक्ष्मी की पूजा और भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला से जुड़ा है। इस दिन सालों से कुछ परंपराएं निभाई जा रही हैं, जिन्हें सेहत और मेंटल हेल्थ से जोड़ा जाता है। यहां हम 3 परंपराओं के बारे में बता रहे हैं जो सदियों पुरानी हैं। जानिए, इन परंपराओं के बारे में और इन्हें कैसे फॉलो किया जा सकता है। चांद की रौशनी में खीर रखना शरद पूर्णिमा की रात को चांद की रौशनी में खीर रखी जाती है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार शरद ऋतु में शरीर में 'पित्त दोष' स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। ऐसे में माना जाता है कि चंद्रमा की ठंडक और चांदी के गुण इस गर्मी को शांत करते हैं, शरीर में संतुलन लाते हैं और मन को नई एनर्जी देते हैं। इस तरह यह ...
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