नई दिल्ली, अक्टूबर 24 -- हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का खास महत्व होता है। वहीं आश्विन माह की पूर्णिमा सबसे पवित्र और खास मानी जाती है। इसे शरद पूर्णिमा और कोजागरी पूर्णिमा के नाम से जानते हैं। इस खास दिन चंद्रमा की पूजा के साथ मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। साथ ही चांद की खुली रोशनी में खीर रखने की परंपरा होती है। इसी वजह से लोग शरद पूर्णिमा पर चांद के निकलने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। तो चलिए चलिए जानते हैं कि 25 अक्टूबर को चंद्रोदय का समय क्या है और कितने बजे खीर की कटोरी चांदी की रोशनी के नीचे रखी जाए? साथ ही जानें मां लक्ष्मी की पूजा का सही समय क्या है?शरद पूर्णिमा की तिथि और सही समय पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 25 अक्टूबर की सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर हो जाएगी। वहीं तिथि का समापन अगले दिन यानी 26 अक्टूबर...