नई दिल्ली, जुलाई 10 -- दिल्ली उच्च न्यायायल ने शुक्रवार को म्यांमार के एक शरणार्थी की याचिका पर दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से जवाब मांगा है। इस याचिका में विश्वविद्यालय की उस शर्त को चुनौती दी गई है जिसके तहत विदेशी छात्रों को स्नात्तक कोर्स में दाखिले के लिए वैध गैर-भारतीय पासपोर्ट की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने विश्वविद्यालय के रुख पर सवाल उठाते हुए उसके वकील से पूछा कि एक शरणार्थी से पासपोर्ट की उम्मीद कैसे कर सकते हें। पीठ ने विश्वविद्यालय को जवाब देने के लिए दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को तय की गई है। यह याचिका यूएनएचसीआर से मान्यता प्राप्त म्यांमार के शरणार्थी हेनरी हटू आंग लिन ने वकील अशोक अग्रवाल व कुमार उत्कर्ष के जरिए दायर की है। याचिका में दिल्ली विश्वविद्यालय के विदेशी छात्र रजिस...