कन्नौज, जनवरी 21 -- छिबरामऊ, संवाददाता। जगतगुरु श्री कृपाल जी महाराज की प्रचारिका डॉ.हरीश्वरी देवी जी ने अपने प्रवचन में बताया कि जो जीव शरणागत हो जाता है। उसी पर भगवान की कृपा होती है। उन्होंने मन और बुद्धि के समर्पण को शरणागति बताया। नगर के मोहल्ला बजरिया स्थित चंद्रकांता पैलेस में चल रहे कार्यक्रम में डॉ.हरीश्वरी देवीजी ने कहा कि समर्पण हमें हरि गुरु के समक्ष मन करना बताता है। जिस तरह गुरु की आज्ञा का बिना बुद्धि लगाये, बिना प्रतिकूल सोचे शत प्रतिशत पालन करना होता है। अर्थात् गुरु की बुद्धि से अपनी बुद्धि को जोड़ देना होगा। जैसे संसार में हम पहले-पहल स्कूल जाते हैं, तो जैसा अध्यापक सिखाता है, चुपचाप हम उसको मान लेते हैं। अध्यापक ने कहा, लिखो बेटा ए अब किसी बच्चे ने यह नहीं कहा कि ए की शकल ऐसी ही क्यों होती है, इसको ए ही क्यों कहते है, ...
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