नई दिल्ली, दिसम्बर 11 -- 2020 में दिल्ली में हुए दंगे से जुड़े केसों में लंबे समय से जेल में बंद उमर खालिद, शरजील इमाम समेत अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। बुधवार को सुनवाई पूरी होने से सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि यूएपीए की धारा 15 भाषण देने को लेकर उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य के खिलाफ लगाई जा सकती है, जो आतंकी गतिविधियों के लिए है। छह आरोपियों की जमानत याजिका पर आदेश सुरक्षित रखने वाली जस्टिस अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की बेंच ने अडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से यह जवाब तब मांगा जब वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने तर्क दिया कि दिए गए भाषणों पर अधिकतम धारा 13 (गैर-कानूनी गतिविधियां) और धारा 18 (षड्यंत्र) ही लगाई जा सकती हैं। एएसजी ने कहा कि आरोपियों की साजिश की वजह से दंगा...
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