प्रयागराज, फरवरी 3 -- शब-ए-बारात पर मंगलवार रात को शहर के कब्रिस्तानों को बहुरंगी झालरों और फूलों से सजाया गया। पुरखों की याद में कब्रों पर फूल चढ़ाकर फतेहा पढ़ी गई। अगरबत्ती और मोमबत्ती जलाया। कब्रों के पास बैठकर लोगों ने कुरआन पाक की तिलावत की। सभी दरगाहों पर भी खास इंतजाम रहे। शहर के काला डांडा कब्रिस्तान, करेली, अशोक नगर, अटाला, चकिया, कसारी मसारी, बहादुरगंज, दरियाबाद, रसूलपुर के कब्रिस्तान पर पूर्वजों की मगफिरत के लिए दुआ की। मोहम्मद अस्करी ने बताया कि शब-ए-बारात की रात अल्लाह अपनी रहमत के दरवाजे खोल देता है। हदीसों में जानकारी मिलती है कि इस रात अल्लाह अपने बंदों के गुनाह माफ करता है। इंसान को अपने गुनाहों को स्वीकार कर उनसे तौबा करने, दूसरों को माफ करने और दिल से नफरत निकालने की सीख देती है। सुरक्षा के मद्देनजर मस्जिदों और कब्रिस्त...
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