शामली, फरवरी 3 -- मुस्लिम समाज का पवित्र त्योहार शब-ए-बारात मंगलवार की रात अकीदत व एहतराम के साथ मनाया जाएगा। इस मौके पर मस्जिदों में नमाज अदा की गई। जबकि लोगों ने रात भर इबादत, तिलावत-ए-कुरआन और दुआओं में मशगूल रहें। शब-ए-बारात को गुनाहों की माफी और रहमत की रात माना जाता है। मंगलवार को शब-ए-बारात की रात को लोगों ने अपने घरों, मस्जिदों में रहकर इबादत की। ईशा की नमाज के बाद मरहूम रिश्तेदारों की मगफिरत के लिए कब्रिस्तानों में जाकर फातिहा पढ़ी और दुआ मांगी। इस दौरान कई स्थानों पर मीठे चावल भी बांटे गए। मंगलवार सवेरे से ही शब-ए बारातघर लेकर शहर की मस्जिदों में साफ-सफाई की गई। मिठाइयों, अगरबत्तियों और इत्र की दुकानों पर खरीदारी की गई। शब-ए-बारात के मद्देनजर प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने लोगों से श...
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