जमुई, जनवरी 26 -- जमुई। इस्लामी कैलेंडर के शाबान महीने की 15 वीं रात को मनाई जाने वाली 'शब-ए-बारात' के लिए देशभर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। साल 2026 में यह मुकद्दस रात (संभावित तारीख 2 फरवरी की रात) को अकीदत और एहतराम के साथ मनाई जाएगी। मुस्लिम समुदाय के लिए 'नजात की रात' (मुक्ति की रात) मानी जाने वाली इस रात के लिए मस्जिदों, दरगाह और कब्रिस्तान में विशेष इंतजाम किए गए हैं। मस्जिदों में रौशनी और विशेष नमाज का होता है आयोजन शब-ए-बारात के मद्देनजर शहर के जामा मस्जिद, महिसौड़ी मस्जिद, गोशिया मस्जिद, मिर्चा मस्जिद, भछियार पठान टोली मस्जिद, नीमारंग मस्जिद, छोटी मस्जिद सहित तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों को बिजली की झालरों और फूलों से सजाया गया है। उलेमाओं के अनुसार, इस रात खुदा अपने बंदों के लिए मगफिरत (माफी) के दरवाजे खोल देता है। लोग रात भर जाग...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.