हल्द्वानी, फरवरी 3 -- हल्द्वानी, संवाददाता। शब-ए-बारात यानि इबादत की रात, मुस्लिम समुदाय में इस रात की खास अहमियत है। शब-ए-बारात की रात मंगलवार को पूर्वजों को याद किया गया। लोगों ने बुजुर्गों की याद में फातिहा पढ़ी। मस्जिदों में शाम से ही इबादत का सिलसिला शुरू रहा, जो सुबह तक चला। मस्जिदों और मदरसों को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। शहर काजी, शेख मुफ्ती मुहम्मद आज़म कादरी ने इस रात की अहमियत बताते हुए मुसलमानों से इसे पूरी अकीदत और इबादत के साथ गुज़ारने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस रात को नफ़लि नमाज़, कुरआन की तिलावत, दरूद शरीफ़ और अल्लाह की याद में बिताना चाहिए। रात में मस्जिदों में नमाजियों ने इबादत की, अल्लाह की रहमत और अपनों के मग़फिरत की दुआएं मांगी गईं। वहीं महिलाओं ने घरों में रहकर इबादत की और अपने अज़ीज़ों के लिए दुआएं कीं। इस ...
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